​कोतबा/जशपुर:-जिले के कोतबा नगर पंचायत और ग्राम पंचायत घोघरा में निर्माण कार्यों में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता, टेंडर प्रक्रिया में हेराफेरी और शासकीय राशि के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। नगर पंचायत कोतबा के वार्ड क्रमांक 02 के भाजपा पार्षद व वरिष्ठ नेता सुदर्शन पटेल ने इस संबंध में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।



भाजपा पार्षद सुदर्शन पटेल ने अपने आवेदन में कई गंभीर बिंदुओं पर सवाल उठाए हैं उन्होंने ​चहेते ठेकेदारों पर मेहरबानी का आरोप लगाते हुए गुणवत्ताहीन कार्य करने वाले और निर्धारित समय में काम पूरा न करने वाले ठेकेदारों को ही बार-बार नया कार्य और टेंडर दिए जा रहे हैं।
​उन्होंने लगभग 48 लाख रुपये की लागत से बने असुरबंध तालाब निर्माण में अत्यंत घटिया सामग्री का उपयोग करने और स्वीकृत राशि से बहुत कम खर्च करने की शिकायत की गई है। इसमें विभागीय और नगर पंचायत और संबंधित ठेकेदार के बीच मिलीभगत की आशंका जताई गई है।
​ इसके साथ ही श्मशान घाट निर्माण के लिए जारी निविदा में उन ठेकेदारों को अयोग्य माना जाना था जिनके काम एक साल से अधिक समय से लंबित थे। इसके बावजूद, नियमों को ताक पर रखकर उसी ठेकेदार को 9 प्रतिशत अधिक दर पर 52 लाख रुपये का काम दे दिया गया।
​ग्राम पंचायत घोधरा में वित्तीय गबन

विधायक निधि से स्वीकृत सामुदायिक भवन निर्माण के लिए जारी 10 लाख रुपये की राशि में हेरफेर का आरोप है। शिकायत है कि यह राशि सरपंच और सचिव द्वारा अपने खाते में स्थानांतरित कर ली गई।

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा है कि कार्य एजेंसियों को दरकिनार कर ग्राम पंचायतों को ही कार्य एजेंसी बनाकर ठेकेदारों को अप्रत्यक्ष रूप से लाभ पहुंचाने का खेल चल रहा है।
​जांच और कार्रवाई की मांग?

पार्षद सुदर्शन पटेल ने मांग की है कि इस पूरे मामले की किसी सक्षम और स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए। साथ ही, जब तक जांच पूरी न हो जाए, तब तक संबंधित नए कार्यों और भुगतानों पर तत्काल रोक लगाई जाए। उन्होंने दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने और शासकीय धन की क्षति की वसूली करने की अपील की है।

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