
0.कारगिल चौक से बागबहार मार्ग पर घुटने भर पानी और जानलेवा गड्ढे |
0.कांग्रेस के ‘पैदल सत्याग्रह’ की चेतावनी के बाद अब सत्ताधारी भाजपा ने भी खोला मोर्चा; मुख्यमंत्री तक पहुंचेगी शिकायत।
कोतबा:- जशपुर जिले के कोतबा में कारगिल चौक से बागबहार तक बन रही 40 करोड़ की सड़क की बदहाली इन दिनों लोक निर्माण विभाग (PWD) और ठेकेदार के कथित भ्रष्टाचार की गवाही दे रही है। लगातार उठ रही आवाजों और अखबारों की सुर्खियां बनने के बाद अपनी नाकामी छिपाने के लिए विभाग ने अब भारी बरसात में सड़क के दोनों ओर 10-10 मीटर नापकर अतिक्रमण हटाने का फरमान सुना दिया है, जिससे रहवासियों में दहशत का माहौल है।
मुख्यमंत्री की प्रशासकीय स्वीकृति से बन रही इस महत्वपूर्ण सड़क पर आज घुटने भर पानी और जानलेवा गड्ढे हैं, जिससे लोगों का आवागमन दूभर हो गया है। अपनी फजीहत होते देख ‘उल्टा चोर कोतवाल को डांटे’ की तर्ज पर PWD ने पिछले सप्ताह कारगिल चौक से बस्ती क्षेत्र में मौखिक अल्टीमेटम जारी कर दिया। स्थानीय निवासियों का स्पष्ट कहना है कि वे अतिक्रमण हटाने के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन विभाग पिछले 10 महीनों से सूखे के मौसम में गहरी नींद में क्यों सोया रहा? अब इस मूसलाधार मानसूनी आफत में लोग अपना आशियाना कैसे तोड़ेंगे? रहवासियों का आरोप है कि यह पूरी कवायद केवल ठेकेदार को बचाने और अपनी गैर-जिम्मेदाराना कार्यप्रणाली से ध्यान भटकाने का हथकंडा है।
सड़क की दुर्दशा और विभाग के इस अमानवीय रवैये ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। विपक्ष के साथ-साथ सत्ता पक्ष ने भी PWD के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष सुमित शर्मा और युवा नेता आकाश मित्तल ने अधिकारियों व ठेकेदार की मिलीभगत के खिलाफ मुख्यमंत्री निवास ‘बगिया’ तक पैदल सत्याग्रह करने की चेतावनी दी है, जिससे विभागीय अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
वहीं, कांग्रेस के विरोध के बाद नगर पंचायत उपाध्यक्ष व भाजपा नेत्री श्रीमती सुमन सुनील शर्मा ने भी इस मामले में तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि मुख्यमंत्री और भाजपा के सुशासन में जनता के 40 करोड़ रुपयों का दुरुपयोग और ऐसा भ्रष्टाचार कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने विभाग की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो काम सूखे के समय होना था, वह अब भरी बरसात में कर जनता को भयभीत करने का दुस्साहस किया जा रहा है।
जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि कारगिल चौक से पटेल बस्ती तक सड़क का तत्काल पैचवर्क और मरम्मत कार्य कराया जाए, ताकि बारिश में लोगों का आवागमन सुगम हो सके। साथ ही, इस पूरी लापरवाही और गुणवत्ताहीन कार्य की लिखित शिकायत जिला कलेक्टर और मुख्यमंत्री से करने की बात कही गई है। सड़क की बदहाली पर कांग्रेस और भाजपा दोनों के मुखर होने से यह स्पष्ट हो गया है कि PWD की लापरवाही न केवल जनता पर भारी पड़ रही है, बल्कि इससे सरकार की छवि भी धूमिल हो रही है।
नगरवासियों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन व लोक निर्माण विभाग के समक्ष स्पष्ट मांगें रखी हैं:
तत्काल पैचवर्क व हो मरम्मत कारगिल चौक से पटेल बस्ती तक सड़क पर बने जानलेवा गड्ढों को तत्काल भरवाया जाए ताकि आवागमन सुगम हो सके।
दहशत का माहौल बंद कर मानसून के दौरान बेदखली का डर दिखाना बंद कर कानूनी व व्यावहारिक प्रक्रिया अपनाई जाए।
उच्चस्तरीय जांच: 40 करोड़ की परियोजना में देरी और गुणवत्ताहीन कार्य के लिए PWD के जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदार पर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। कांग्रेस के बाद अब भाजपा जनप्रतिनिधि के मैदान में उतरने से यह साफ हो गया है कि लोक निर्माण विभाग अपने कर्तव्य निर्वहन में पूरी तरह असफल रहा है। विभाग के इस गैर-जिम्मेदाराना और संवेदनहीन रवैये से न केवल जनता हलकान हो रही है, बल्कि प्रदेश सरकार की सुशासन वाली छवि भी धूमिल हो रही है। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या कड़ा कदम उठाता है।
भारी बरसात में बेघर करने का खौफ: नाकामी छुपाने PWD का नया पैंतरा
सड़क की दुर्दशा पर हो रही चौतरफा किरकिरी से बौखलाए PWD के अधिकारियों ने अपनी गर्दन बचाने के लिए एक नया हथकंडा अपनाया है। सप्ताह भर पूर्व विभाग के कर्मचारियों ने कारगिल चौक से रहवासी बस्ती क्षेत्रों में सड़क के मध्य से दोनों ओर 10-10 मीटर माप कर मौखिक अल्टीमेटम जारी कर दिया।
स्थानीय निवासियों का आक्रोश:
“हम अतिक्रमण हटाने के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन जब सूखा मौसम था और 10 माह का समय उपलब्ध था, तब विभाग गहरी नींद में क्यों सोया हुआ था? अब मूसलाधार बारिश के मौसम में अचानक मौखिक फरमान सुनाकर लोगों में दहशत फैलाई जा रही है। इस मानसूनी आफत में लोग अपना आशियाना कैसे तोड़ेंगे? यह कार्रवाई सिर्फ अपनी नाकामी छुपाने और ठेकेदार को बचाने की साजिश है।”
