​छत्तीशगढ़ /जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में बिजली बिलों की बेतहाशा बढ़ोतरी और आम उपभोक्ताओं पर जबरन स्मार्ट प्रीपेड मीटर थोपे जाने के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पूर्व विधायक एवं जिला कांग्रेस अध्यक्ष यू. डी. मिंज के नेतृत्व में कांग्रेस ने इसे गरीब, मध्यमवर्गीय और विशेषकर आदिवासी परिवारों के अधिकारों पर सीधा हमला करार दिया है।
​”जनता को डराना बंद करे विभाग” – यू. डी. मिंज
​पूर्व विधायक यू. डी. मिंज ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (CSPDCL) की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि बिजली विभाग का काम जनसुविधा देना है, न कि उन्हें डराना-धमकाना। उन्होंने आरोप लगाया कि ऊर्जा सरप्लस (अतिरिक्त बिजली उत्पादन) राज्य होने के बावजूद, जशपुर के उपभोक्ताओं को भारी-भरकम बिजली बिल थमाए जा रहे हैं।
​यू. डी. मिंज ने आगे कहा, “जशपुर का गरीब और आदिवासी परिवार पहले ही महंगाई की मार झेल रहा है। ऐसे में बिजली विभाग की मनमानी और जबरन स्मार्ट मीटर लगाने का प्रयास कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि विभाग ने अपनी कार्यशैली में तत्काल सुधार नहीं किया, तो कांग्रेस उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी।”
​कानूनी तर्क: स्मार्ट मीटर स्वैच्छिक, अनिवार्य नहीं
​कांग्रेस ने विद्युत अधिनियम, 2003 (Electricity Act, 2003) के प्रावधानों का हवाला देते हुए दावा किया कि स्मार्ट या प्रीपेड मीटर लगाना पूरी तरह से ‘स्वैच्छिक’ (ऑप्शनल) है। उपभोक्ता की स्पष्ट सहमति के बिना पुराने मीटर को हटाना और नया स्मार्ट मीटर लगाना नियमों का उल्लंघन है।
​कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बिजली विभाग के अधिकारी और अनुबंधित निजी एजेंसियां उपभोक्ताओं को कनेक्शन काटने की धमकी देकर उन पर दबाव बना रही हैं, जो सरासर गैर-कानूनी है।
​कांग्रेस की प्रमुख मांगे और आंदोलन की रणनीति
​जिला कांग्रेस कमेटी ने स्पष्ट किया है कि यदि बिजली बिलों की विसंगतियों को दूर नहीं किया गया और जबरन मीटर बदलने की कार्रवाई नहीं रुकी, तो:
​कार्यालयों का घेराव: जिले के समस्त बिजली कार्यालयों का उग्र घेराव किया जाएगा।
​कानूनी लड़ाई: इस मुद्दे को न्यायालय तक ले जाकर उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा की जाएगी।
​जन-आंदोलन: पूरे जिले में आम जनता के साथ मिलकर व्यापक प्रदर्शन किए जाएंगे।
​जनता से सतर्क रहने की अपील
​जिला कांग्रेस कमेटी ने जशपुर के नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक रहें। यदि कोई भी विभाग का कर्मचारी या ठेकेदार बिना उपभोक्ता की सहमति के स्मार्ट मीटर लगाने पहुंचे, तो:
​उनसे आवश्यक लिखित आदेश (Written Order) की मांग करें।
​अपनी मर्जी के बिना पुराना मीटर बदलने की अनुमति न दें।
​किसी भी प्रकार के अनुचित दबाव या धमकी की सूचना तुरंत स्थानीय कांग्रेस कमेटी को दें।

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