​रायपुर:-खेल जगत से भारत और विशेषकर छत्तीसगढ़ के लिए एक बड़ी और गौरवशाली खबर सामने आई है। मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में आयोजित साउथ ईस्टर्न एशियन लैक्रोस चैंपियनशिप 2026 में भारतीय महिला टीम ने दमदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक जीतकर तिरंगा लहराया है।
​इस ऐतिहासिक जीत में छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के ग्राम महोलोई की प्रतिभाशाली खिलाड़ी सोनम बंजारा, शांति प्रधान और मानसी भूमिया ने अहम भूमिका निभाई!

सिंगापुर को हराकर रचा इतिहास..!
​28 से 30 अगस्त 2026 के बीच आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में एशिया की कई दिग्गज टीमों ने हिस्सा लिया। भारतीय महिला टीम ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन खेल भावना, रणनीति और आक्रामकता का परिचय दिया। करो या मरो के मुकाबले में भारतीय टीम ने सिंगापुर को कड़े मुकाबले में मात देकर पोडियम पर अपनी जगह पक्की की और कांस्य पदक अपने नाम किया।



गांव की पगडंडियों से अंतरराष्ट्रीय पोडियम तक का सफर..!
​रायगढ़ के एक छोटे से गांव महोलोई से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली सोनम बंजारा आज देश के उभरते लैक्रोस खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। भारतीय टीम में चयन के बाद उन्होंने अपने खेल से यह साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी बड़े शहर या आधुनिक सुविधाओं की मोहताज नहीं होती।
सोनम बंजारा का स्वर्णिम रिकॉर्ड..!

​3 बार राष्ट्रीय स्वर्ण पदक विजेता ..!

​राजस्थान फेडरेशन कप स्वर्ण पदक,​फेडरेशन कप रजत पदक,​साउथ ईस्टर्न एशियन चैंपियनशिप 2026 (मलेशिया) कांस्य पदक!

पूरे क्षेत्र और प्रदेश में खुशी की लहर..!

​भारतीय टीम की इस शानदार कामयाबी और छत्तीसगढ़ की बेटियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद महोलोई गांव और समूचे रायगढ़ जिले में जश्न का माहौल है। खेल प्रेमियों, ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने सोनम बंजारा, शांति प्रधान, मानसी भूमिया और पूरी भारतीय टीम को इस ऐतिहासिक जीत पर हार्दिक बधाई दी है।
​यह उपलब्धि भारत में लैक्रोस जैसे खेल के विकास और ग्रामीण क्षेत्रों की महिला खिलाड़ियों के सशक्तिकरण में एक मील का पत्थर साबित होगी।

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