
जशपुर। जशपुर पुलिस ने अमानत में खयानत और वित्तीय धोखाधड़ी के एक बड़े मामले का पर्दाफाश करते हुए ‘भारत फाइनेंस इन्क्लूजन लिमिटेड’ के कलेक्शन एजेंट रवि राम चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने 15 महिला स्व-सहायता समूहों की 42 महिला हितग्राहियों से लोन की किस्तों के रूप में 9 लाख 46 हजार 49 रुपये वसूले, लेकिन कंपनी के खाते में जमा करने के बजाय पूरी रकम डकार ली। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 409 भादवि के तहत मामला दर्ज कर उसे रिमांड पर ले लिया है।
भारत फाइनेंस इन्क्लूजन लिमिटेड ग्रामीण क्षेत्रों में महिला स्व-सहायता समूहों को माइक्रो फाइनेंस के जरिए ऋण मुहैया कराती है। लोन की रिकवरी के लिए कंपनी ने कलेक्शन एजेंट नियुक्त किए हैं। जशपुर शाखा के तत्कालीन ब्रांच मैनेजर सौखी लाल बघेल ने 20 अगस्त 2026 को सिटी कोतवाली थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, शाखा के कलेक्शन एजेंट रवि राम चौहान ने 7 नवंबर 2022 से 5 जुलाई 2023 के बीच 42 महिला सदस्यों से कुल 9,46,049 रुपये की वसूली की, लेकिन यह राशि कंपनी में जमा नहीं कराई।
कंपनी स्तर पर जब आंतरिक ऑडिट और जांच की गई, तो हितग्राहियों से पूरी रकम वसूल किए जाने की पुष्टि हुई। कंपनी द्वारा पूछताछ करने पर रवि राम चौहान ने गबन की बात कबूल कर ली। इसके बाद आरोपी ने 12 जुलाई 2023 को नोटरी शपथ पत्र (एफिडेविट) निष्पादित करते हुए तीन महीने के भीतर पूरी राशि लौटाने का वादा किया था। तय समय बीत जाने के बाद भी जब उसने एक रुपया नहीं लौटाया और कंपनी को भारी आर्थिक चपत लगाई, तब प्रबंधन ने पुलिस की शरण ली।
शिकायत के आधार पर सिटी कोतवाली जशपुर में आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 257/2026, धारा 409 भादवि (लोक सेवक या बैंक कर्मी/एजेंट द्वारा आपराधिक विश्वासघात) के तहत एफआईआर दर्ज की गई।
गिरफ्तार आरोपी रवि राम चौहान (40 वर्ष), पिता अलप साय मूल निवासी: ग्राम पेमला, थाना बागबहार, जिला जशपुर (छ.ग.)
वर्तमान पता संगम चौक दरबारीटोली, जशपुर
पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को जशपुर क्षेत्र से गिरफ्तार किया। गबन की गई रकम की बरामदगी और मामले से जुड़े अन्य वित्तीय साक्ष्यों को जुटाने के लिए पुलिस आरोपी को रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ कर रही है।
जांच टीम की सक्रियता
सिटी कोतवाली थाना प्रभारी मोर ध्वज देशमुख के नेतृत्व में सहायक उप निरीक्षक मनोज साहू और कोतवाली स्टाफ ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फरार चल रहे आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचाया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गरीबों और स्व-सहायता समूह की महिलाओं के साथ किसी भी प्रकार की वित्तीय धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
