0.जांच में खुली पोल: 141 क्विंटल चावल गायब, खाद्य निरीक्षक ने थमाया नोटिस!

​कोतबा/जशपुरनगर:-ग्राम पंचायत कर्राबेवरा (पत्थलगांव) में राशन वितरण के नाम पर एक सुनियोजित महाघोटाला सामने आया है। पिछले तीन महीनों (जून, जुलाई, अगस्त) से अपने हक के निवाले के लिए दर-दर भटक रहे सैकड़ों ग्रामीणों के सब्र का बांध आज टूट गया। एक तरफ पंचायत के जिम्मेदार 141 क्विंटल से अधिक चावल ‘डकार’ गए, वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों से राशन के बदले ‘टैक्स’ के नाम पर अवैध वसूली का सनसनीखेज खेल भी उजागर हुआ है। आज सुबह से राशन के इंतज़ार में बैठी भूखी-प्यासी जनता को जब शाम तक बैरंग लौटना पड़ा, तो उनका गुस्सा फूट पड़ा और मौके पर पहुंचीं डीडीसी (DDC) का घेराव कर दिया गया।


ग्रामीणों की शिकायत के बाद खाद्य विभाग द्वारा की गई जांच में बड़े पैमाने पर खाद्यान्न की हेराफेरी का खुलासा हुआ है। खाद्य निरीक्षक (फूड इंस्पेक्टर) अजय प्रधान, पत्थलगांव द्वारा 9 जुलाई 2026 को कर्राबेवरा की शासकीय उचित मूल्य दुकान का औचक निरीक्षण किया गया था।

तैयार किए गए पंचनामे के अनुसार ​ई-पॉस (ePoS) मशीन में ऑनलाइन शेष चावल 143.42 क्विंटल प्रदर्शित हो रहा था, जबकि दुकान में मौके पर केवल 1.5 क्विंटल चावल ही मौजूद मिला।

​कुल 141.92 क्विंटल चावल और 8.64 क्विंटल नमक मौके से गायब (कम) पाया गया।

​पंचनामे के दौरान मौके पर मौजूद सरपंच लोहरी राम नाग, सचिव लक्ष्मण साय और विक्रेता गंभीर साय ने इस भारी कमी का बेतुका कारण ‘ऑनलाइन एंट्री की त्रुटि’ बताया।
​इस महाघोटाले पर खाद्य निरीक्षक अजय प्रधान ने स्पष्ट किया है कि, “शिकायत के आधार पर जांच की गई है। पंचनामे में चावल व नमक की मात्रा में भारी शार्टफॉल (कमी) पाई गई है। इस गंभीर लापरवाही को लेकर संबंधितों (सरपंच, सचिव और विक्रेता) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। जवाब के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।”

200 रुपये दो, तब मिलेगा चावल’: महिलाओं ने खोली धांधली की पोल!

मीडिया से बात करते हुए ग्रामीणों ने लूट की जो हकीकत बताई, वह हैरान करने वाली है।

​कुमारी (पति- समारू) ने अपने हाथों में 200 रुपये की कटी हुई रसीद दिखाते हुए कहा, “हमसे घर टैक्स के नाम पर 200 रुपये की मांग की गई। सरपंच और सचिव ने साफ कह दिया है कि जो यह पैसा नहीं देगा, उसे राशन नहीं मिलेगा।”
​निर्मला ने पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा, “हमें सिर्फ पंचायत के चक्कर कटवाए जा रहे हैं। आज देंगे, कल देंगे कहकर 3 महीने निकाल दिए।”

​समारी और रितला बाई के साथ एक बुजुर्ग महिला ने भरे मन से कहा, “सरपंच-सचिव हमारा चावल छिपा देते हैं। हम महीनों से भूखे पेट चक्कर काट रहे हैं।”

पूर्व सरपंच मंगल सिंह नाग ने बताया कि जून में 150 और जुलाई में 458 कार्डधारियों को राशन नहीं मिला है, जिसकी लिखित शिकायत 31 जुलाई को एसडीएम से की गई थी।
​हाई-वोल्टेज ड्रामा: डीडीसी का घेराव और “काम नहीं तो वोट नहीं” का नारा..?

19 अगस्त की सुबह 7 बजे से ही सैकड़ों महिलाएं, बुजुर्ग और ग्रामीण भूखे-प्यासे राशन दुकान पर बैठे रहे। शाम 4 बजे तक जब राशन नहीं मिला तो पंचायत में हंगामा मच गया। स्थिति बिगड़ते देख डीडीसी (DDC) सुरुचि पैंकरा मौके पर जायजा लेने पहुंचीं। डीडीसी ने ग्रामीणों को शांत कराते हुए बयान दिया कि, “चावल की पर्याप्त उपलब्धता है, सभी को राशन मिलेगा। अपनी बात प्रशासन के सामने शांति से रखें।

​डीडीसी के मुंह से ‘चावल पर्याप्त होने’ की बात सुनते ही 3 महीने से भूखी जनता आगबबूला हो गई। भीड़ ने डीडीसी की घेराबंदी कर ली और खरी-खोटी सुनाते हुए जमकर नारेबाजी की। महिलाओं ने एक सुर में कहा अगर चावल है तो हमें 3 महीने से भूखा क्यों मारा गया? अगर ये जनप्रतिनिधि और अफसर हमें हमारा हक का निवाला नहीं दिला सकते, तो वोट मांगने मत आना। जो जनता का पेट नहीं भर सकते, उन्हें वोट मांगने का कोई अधिकार नहीं है, इन्हें तत्काल पद से हटाया जाए।

एसडीएम बोले- “जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई!

ग्रामीणों का कहना है कि वे इस मामले की शिकायत एसडीएम से भी कर चुके थे लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब 141 क्विंटल चावल के गबन और अवैध वसूली के सबूत सामने आने के बाद पत्थलगांव एसडीएम ऋतुराज बिसेन का आधिकारिक बयान आया है।
एसडीएम ने कहा, “इस पूरे मामले की जानकारी मुझे मीडिया के माध्यम से ही मिली है। अभी तक खाद्य निरीक्षक की तरफ से अधिकृत जांच रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होते ही उसके आधार पर जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध नियमानुसार सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

​अब देखना यह है कि 141 क्विंटल गरीबों का निवाला डकारने वाले और राशन के बदले अवैध वसूली करने वाले सरपंच, सचिव और विक्रेता पर प्रशासन कब तक एफआईआर (FIR) दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Created with ❤