
जशपुरनगर:-एक मां की गोद बच्चे के लिए दुनिया का सबसे सुरक्षित आशियाना मानी जाती है, लेकिन जशपुर जिले के कुनकुरी से सामने आई रूह कंपा देने वाली दास्तान ने मातृत्व के रिश्ते को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है। चंद रुपयों के लालच में अंधी हुई एक कलयुगी मां ने अपने ही 9-10 माह के मासूम कलेजे के टुकड़े का सौदा कर डाला। महज 1 लाख 80 हजार रुपयों में बिक चुके इस बेबस बच्चे को कुनकुरी पुलिस ने सैकड़ों किलोमीटर दूर पश्चिम बंगाल से सकुशल बरामद कर लिया है। खाकी की मुस्तैदी से न सिर्फ एक मासूम को नई जिंदगी मिली, बल्कि ममता का सौदा करने वाली मां सहित अंतरराज्यीय तस्करी में लिप्त 5 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया गया।
दादी की गुहार ने खोली ममता के सौदे की कलई!
यह दर्दनाक मामला 12 अगस्त 2026 को तब सामने आया, जब कुनकुरी ब्लॉक कॉलोनी निवासी लक्ष्मी बाई ने थाने पहुंचकर अपने ही पोते के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई। लक्ष्मी बाई के अनुसार, उनके दिवंगत पति की जगह बेटे शंकर चौहान को अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। शंकर, यशोदा यादव नाम की महिला के साथ रहता था। 18 दिसंबर 2025 को यशोदा ने एक बच्चे को जन्म दिया। घर-आंगन में मासूम की किलकारियां गूंजने लगीं, लेकिन मार्च 2026 में अचानक वह बच्चा गायब हो गया। जब परिजनों ने सवाल पूछे तो यशोदा टालमटोल करने लगी। अनहोनी की आशंका के बीच दादी की तहरीर पर कुनकुरी पुलिस ने अपराध क्रमांक 149/2026, धारा 81 किशोर न्याय अधिनियम एवं धारा 143(4), 61(2) भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
बाल खरीदने वाले के जरिए बुना गया था साजिश का जाल!
पुलिस विवेचना में जब परतें खुलीं, तो सामने आया सच स्तब्ध कर देने वाला था। जांच के दौरान पुलिस ने पश्चिम बंगाल निवासी सुकरू आलम उर्फ बंगाली (43 वर्ष) को हिरासत में लेकर पूछताछ की। सुकरू इलाके में महिलाओं के बाल खरीदने और बेचने का काम करता था। इसी काम के सिलसिले में कुनकुरी में उसकी जान-पहचान यशोदा यादव से हुई। बातचीत के दौरान मां ने बच्चे का सौदा करने की इच्छा जताई। सुकरू ने दलाली का ताना-बाना बुनते हुए पश्चिम बंगाल के मदनापुर निवासी शेख अलविन (52 वर्ष) से संपर्क साधा और बच्चे को बेचने की रूपरेखा तैयार की।
पश्चिम बंगाल में बिका मासूम, पुलिस ने दी दबिश!
पूरे नेटवर्क का खुलासा होते ही जशपुर के डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन एक विशेष पुलिस टीम गठित कर पश्चिम बंगाल रवाना की। पुलिस ने मदनापुर जिले के लालपुर भीमचक में दबिश देकर शेख अलविन को धर दबोचा। कड़ी पूछताछ में उसने कबूल किया कि उसने मार्च 2026 में यशोदा के मासूम बच्चे को 1 लाख 80 हजार रुपये में खरीदा था और उसे अपनी बेटी को सौंप दिया था।
सैकड़ों किलोमीटर दूर सुरक्षित मिला मासूम, 5 आरोपी जेल भेजे गए!
कुनकुरी पुलिस की टीम ने पश्चिम बंगाल से लगभग 09-10 माह के इस मासूम को सकुशल बरामद कर लिया। बरामदगी पंचनामा तैयार कर बच्चे को सुरक्षित संरक्षण में लिया गया। इस घिनौने अपराध में शामिल जन्म देने वाली मां यशोदा यादव (29 वर्ष), पश्चिम बंगाल निवासी सुकरू आलम (43 वर्ष), खरीदार शेख अलविन (52 वर्ष) तथा खरीद-फरोख्त में मदद करने वाली निर्मला तिर्की (45 वर्ष) और फुलकुंवारी यादव (50 वर्ष) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से सभी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
इस मानवीय और संवेदनशील ऑपरेशन को अंजाम देने में कुनकुरी थाना प्रभारी निरीक्षक भूपेंद्र सिंह चंद्रा, सहायक उप निरीक्षक नीता कुर्रे, प्रधान आरक्षक अलीका पैंकरा, ढलेश्वर यादव और आरक्षक आलोक तिर्की की भूमिका सराहनीय रही।
