
मयंक शर्मा / सजन बंजारा की खास रिपोर्ट,
जशपुर:-जशपुर जिले में धान खरीदी वर्ष 2025-26 के दौरान भारी वित्तीय अनियमितता और संगठित गबन का बड़ा मामला उजागर हुआ है। जिले के 15 धान उपार्जन केंद्रों से कुल 6 करोड़ 35 लाख 68 हजार 786 रुपये मूल्य का 20,506.06 क्विंटल धान गायब होने का गंभीर आरोप सामने आया है। इस पूरे मामले को लेकर फरसाबहार के पुरन वर्मा ब्लॉक कांग्रेस कमेटी फरसाबहार के अध्यक्ष ने जिला कलेक्टर रोहित व्यास के नाम फरसाबहार एसडीएम को बिंदुवार लिखित शिकायत सौंपकर तत्काल कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासन को दिए गए अल्टीमेटम में स्पष्ट कहा गया है कि यदि 7 दिवस के भीतर दोषियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) और न्यायिक प्रक्रिया शुरू नहीं की गई, तो ब्लॉक कांग्रेस कमेटी किसानों के हित में व्यापक और उग्र जनआंदोलन शुरू करेगी।
शिकायतकर्ता पुरन वर्मा ने मीडिया से दूरभाष पर चर्चा करते हुए बताया कि उन्होंने जो आंकड़े प्रस्तुत किए हैं, वे पूरी तरह प्रमाणित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि धान खरीदी केंद्रों के समिति प्रबंधक, फड़ प्रभारी, बारदाना प्रभारी, तौलक और कंप्यूटर ऑपरेटरों ने सुनियोजित तरीके से इस गबन को अंजाम दिया है। खरीदी सत्र समाप्त हुए करीब 9 से 10 माह का समय बीत चुका है, लेकिन प्रशासन द्वारा अब तक किसी भी दोषी कर्मचारी अथवा नोडल अधिकारी पर ठोस दंडात्मक कार्रवाई न करना सीधे तौर पर प्रशासनिक संरक्षण की ओर इशारा करता है।
आवेदक द्वारा कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में जिले के 15 केंद्रों में गायब धान की मात्रा और उसकी अनुमानित राशि का विवरण निम्नानुसार रेखांकित किया गया है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के विधानसभा में गत वर्ष भी बड़ी मात्रा में गबन के आरोप लगे थे.लेकिन अधिकारियों और प्रशासनिक कसावट नही होने के कारण फिर से उनके विधनसभा के चार खरीदी केंद्रों में बड़ी मात्रा में गबन हुआ है।जिसमे गंझियाडीह केंद्र (सबसे अधिक गड़बड़ी): 7,290.54 क्विंटल धान गायब — अनुमानित राशि ₹2,26,00,674
कोतबा केंद्र: 2,875.27 क्विंटल धान गायब — अनुमानित राशि ₹89,13,616
तमता केंद्र: 1,736.04 क्विंटल धान गायब — अनुमानित राशि ₹53,82,840
कोनपारा केंद्र: 1,561.08 क्विंटल धान गायब — अनुमानित राशि ₹48,41,611
काडरो केंद्र: 1,525.05 क्विंटल धान गायब — अनुमानित राशि ₹47,29,050
किलकिला केंद्र: 1,063.07 क्विंटल धान गायब — अनुमानित राशि ₹32,97,470
लुड़ेग केंद्र: 947.27 क्विंटल धान गायब — अनुमानित राशि ₹29,36,537
फरसाबहार केंद्र: 650.02 क्विंटल धान गायब — अनुमानित राशि ₹20,15,620
डूमरबहार केंद्र: 623.08 क्विंटल धान गायब — अनुमानित राशि ₹19,33,780
सन्ना केंद्र: 602.00 क्विंटल धान गायब — अनुमानित राशि ₹18,66,200
दुलदुला केंद्र: 503.02 क्विंटल धान गायब — अनुमानित राशि ₹15,59,920
सुरंगपानी केंद्र: 433.77 क्विंटल धान गायब — अनुमानित राशि ₹13,44,687
घरजियाबथान केंद्र: 385.81 क्विंटल धान गायब — अनुमानित राशि ₹11,95,391
केराकछार केंद्र: 208.04 क्विंटल धान गायब — अनुमानित राशि ₹6,46,040
पंडरापाठ केंद्र: 98.05 क्विंटल धान गायब — अनुमानित राशि ₹3,05,350
ज्ञापन में उठाए गए है।
भौतिक सत्यापन और एफआईआर में देरी!
फरवरी 2026 से अब तक संबंधित नोडल एवं सक्षम अधिकारियों द्वारा किए गए भौतिक सत्यापन की रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की गई? यदि केंद्रों में धान की भारी कमी पाई गई थी, तो अब तक आपराधिक प्रकरण (FIR) दर्ज क्यों नहीं कराया गया?
उन्होंने आरोप लगाया है कि किसानों से अतिरिक्त तौल की अवैध वसूली प्रत्येक केंद्र पर किसानों से ‘सुखती’ के नाम पर प्रति 40 किलोग्राम बोरी पर 1.600 किग्रा से लेकर 2 किग्रा तक अतिरिक्त धान लिया गया। किसानों से अतिरिक्त कटौती के बावजूद शासन से भी सुखती का समायोजन लेना दोहरे भ्रष्टाचार का प्रमाण है।
उन्होंने सभी उपार्जन केंद्रों में आवंटित और शेष बारदानों का भौतिक सत्यापन कर कमी पाए जाने पर जिम्मेदार प्रभारियों पर जवाबदेही तय की जाने की मांग की है।
उन्होंने फरसाबहार सहित प्रभावित उपार्जन केंद्रों के प्रबंधकों और फड़ प्रभारियों द्वारा हाल के वर्षों में अर्जित की गई चल-अचल संपत्तियों की जांच आयकर विभाग से कराई जाने की भी मांग की है।
7 दिन का अल्टीमेटम!
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि किसानों के हक पर डाका डालने और सरकारी राजस्व को करोड़ों का चूना लगाने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाना चाहिए। प्रशासन को 7 दिन की मोहलत दी गई है,यदि इस अवधि में एफआईआर दर्ज कर न्यायिक कार्रवाई शुरू नहीं होती है, तो ब्लॉक कांग्रेस कमेटी फरसाबहार उग्र आंदोलन शुरू करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
मामले को लेकर फरसाबहार एसडीएम ओम कारेश्वर सिंह से चर्चा के लिये दूरभाष पर संपर्क किया गया तो उनका फोन नेटवर्क से बाहर होना बताया गया,अन्य अधिकारियों से इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने बताया कि फरसाबहार के एसडीएम ओम कारेश्वर सिंह का स्थांतरण जशपुरनगर हो गया है.उनके जगह कुनकुरी के एसडीएम को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है.लेकिन उन्होंने दो दिन पूर्व तक प्रभार नही लिया था.आज की उन्हें जानकारी नही है.इसी कारण हम उनका पक्ष नही रख सके।
